स्थायी प्रसाद तिथि
1501 रूपए जमा करा कर माताजी के मंगला आरती (सुबह की) जिसमें माताजी के महाप्रसाद होता है, का लाभ उठाया जा सकता है।
सदाव्रत तिथि
1000 रूपए जमा कर संस्था में चलने वाले सदाव्रत प्रवृत्ति में प्रति वर्ष अपनी तिथि में आगंतुकों को भोजन दिया जा सकता है।
अखंड घी का दीपक
माताजी के अखंड ज्योत के लिए दान दिया जा सकता है।
प्रसाद
माताजी के दर्शन के लिए जाने वाले दर्शनार्थीयों को प्रसाद मिलता रहे, इस व्यवस्था में भेट देकर लाभ लिया जा सकता है।
पादूका पूजन
51 रूपए जमा कर माताजी के पादुका की पूजा पाजीरा कर देता है जिसमें माताजी के आशीर्वाद का लाभ लिया जा सकता है।
कंकुपडो
यह समाज अपने किसी भी शुभ कार्य में प्रथम निमंत्रण माँ उमिया को भेजा जाता है। इसके आशीर्वाद के रूप में कंकुपडो (सिंदुर) भेजा जाता है। |